भारतीय राज्य और उनके प्रमुख लोक नृत्यों के नाम की सूची - Gyan Darpan : Learning Portal

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Tuesday, 5 March 2019

भारतीय राज्य और उनके प्रमुख लोक नृत्यों के नाम की सूची


भारत विविध संस्कृतियों और परंपराओं का देश है। भारतीय लोक एवं आदिवासी नृत्य वास्तव में सरल होते हैं और प्रत्येक उत्सव या सार्वजनिक आयोजन में इन नृत्यों का दिखाई देना सामान्य बात है। लोक कला एक समूह या स्थान विशेष के लोगों का आम प्रदर्शन होता है।
भारतीय लोकनृत्यों के अंतर्गत अनंत प्रकार के स्वरूप और ताल हैं। इनमें धर्म, व्यवसाय और जाति के आधार पर अन्तर पाया जाता है। मध्य और पूर्वी भारत की जनजातियाँ (मुरिया, भील, गोंड़, जुआंग और संथाल) सभी अवसरों पर नृत्य करती हैं। जीवन चक्र और ऋतुओं के वार्षिक चक्र के लिए अलग-अलग नृत्य हैं। नृत्य, दैनिक जीवन और धार्मिक अनुष्ठानों का अंग है। बदलती जीवन शैलियों के कारण नृत्यों की प्रासंगिकता विशिष्ट अवसरों से भी आगे पहुँच गई है। नृत्यों ने कलात्मक-नृत्य का दर्जा प्राप्त कर लिया है। प्रतिवर्ष 26 जनवरी, भारतीय गणतंत्र दिवस एक ऐसा महत्त्वपूर्ण अवसर है, जब नेशनल स्टेडियम के विशाल क्षेत्र और परेड के 8 किलोमीटर लम्बे मार्ग पर नृत्य करने के लिए देश के सभी भागों से नर्तक दिल्ली आते हैं।
भारतीय लोकनृत्यों का वर्गीकरण करना कठिन है, लेकिन सामान्य तौर पर इन्हें चार वर्गों में रखा जा सकता है।
  • वृत्तिमूलक (जैसे जुताई, बुआई, मछली पकड़ना और शिकार)।
  • धार्मिक।
  • आनुष्ठानिक (तांत्रिक अनुष्ठान द्वारा प्रसन्न कर देवी या दानव-प्रेतात्मा के कोप से मुक्ति के लिए)।
  • सामाजिक (ऐसा प्रकार जो उपरोक्त सभी वर्गों में शामिल है)।
प्रसिद्ध सामाजिक लोकनृत्यों में कोलयाचा (कोलियों का नृत्य) शामिल है। पश्चिमी भारत के कोंकण तट के मछुआरों के मूल नृत्य कोलयाचा में नौकायन की भावभंगिमा दिखाई जाती है। महिलाएँ अपने पुरुष साथियों की ओर रुमाल लहराती हैं और पुरुष थिरकती चाल के साथ आगे बढ़ते हैं। विवाह के अवसर पर युवा कोली (मछुआरे) नवदंम्पति के स्वागम में घरेलू बर्तन हाथ में पकड़कर गलियों में नृत्य करते हैं और नृत्य के चरम पर पहुँचते ही नवदंम्पति भी नाचने लगते हैं।
यहां अलग–अलग राज्यों और लोक नृत्यों की सूची दी जा रही है जो आपको यूपीएससी, राज्य पीएससी, एसएससी, बैंक आदि की परीक्षाओं में मदद करेंगी।
भारतीय राज्य और लोक नृत्य की सूची:
भारत के राज्यलोक-नृत्य
आंध्रप्रदेशकुचीपुड़ी, घंटामरदाला, ओट्टम थेडल, वेदी नाटकम।
असमबीहू, बीछुआ, नटपूजा, महारास, कालिगोपाल, बागुरुम्बा, नागा नृत्य, खेल गोपाल, ताबाल चोनग्ली, कानोई, झूमूरा होबजानाई।
बिहारजाट– जाटिन, बक्खो– बखैन, पनवारिया, सामा चकवा, बिदेसिया।
गुजरातगरबा, डांडिया रास, टिप्पनी जुरुन, भावई।
हरियाणाझूमर, फाग, डाफ, धमाल, लूर, गुग्गा, खोर, जागोर।
हिमाचल प्रदेशझोरा, झाली, छारही, धामन, छापेली, महासू, नटी, डांगी।
जम्मू और कश्मीररऊफ, हीकत, मंदजात, कूद डांडी नाच, दमाली।
कर्नाटकयक्षगान, हुट्टारी, सुग्गी, कुनीथा, करगा, लाम्बी।
केरलकथकली (शास्त्रीय), ओट्टम थुलाल, मोहिनीअट्टम, काईकोट्टिकली।
महाराष्ट्रलावणी, नकाटा, कोली, लेजिम, गाफा, दहीकला दसावतार या बोहादा।
ओडीशाओडिसि (शास्त्रीय), सवारी, घूमरा, पैंरास मुनारी, छाउ।
पश्चिम बंगालकाठी, गंभीरा, ढाली, जतरा, बाउल, मरासिया, महाल, कीरतन।
पंजाबभांगड़ा, गिद्दा, दफ्फ, धामन, भांड, नकूला।
राजस्थानघूमर, चाकरी, गणगौर, झूलन लीला, झूमा, सुईसिनी, घपाल, कालबेलिया।
तमिलनाडुभरतनाट्यम, कुमी, कोलट्टम, कवाडी।
उत्तर प्रदेशनौटंकी, रासलीला, कजरी, झोरा, चाप्पेली, जैता।
उत्तराखंडगढ़वाली, कुंमायुनी, कजरी, रासलीला, छाप्पेली।
गोवातरंगमेल, कोली, देक्खनी, फुग्दी, शिग्मो, घोडे, मोडनी, समायी नृत्य, जगर, रणमाले, गोंफ, टून्नया मेल।
मध्यप्रदेशजवारा, मटकी, अडा, खाड़ा नाच, फूलपति, ग्रिदा नृत्य, सालेलार्की, सेलाभडोनी, मंच।
छत्तीसगढ़गौर मारिया, पैंथी, राउत नाच, पंडवाणी, वेडामती, कपालिक, भारथरी चरित्र, चंदनानी।
झारखंडअलकप, कर्मा मुंडा, अग्नि, झूमर, जनानी झूमर, मर्दाना झूमर, पैका, फगुआ, हूंटा नृत्य, मुंदारी नृत्य, सरहुल, बाराओ, झीटका, डांगा, डोमचक, घोरा नाच।
अरुणाचल प्रदेशबुईया, छालो, वांचो, पासी कोंगकी, पोनुंग, पोपीर, बारडो छाम।
मणिपुरडोल चोलम, थांग टा, लाई हाराओबा, पुंग चोलोम, खांबा थाईबी, नूपा नृत्य, रासलीला, खूबक इशेली, लोहू शाह।
मेघालयका शाद सुक मिनसेइम, नॉन्गरेम, लाहो।
मिजोरमछेरव नृत्य, खुल्लम, चैलम, स्वलाकिन, च्वांगलाईज्वान, जंगतालम, पर लाम, सरलामकई/ सोलाकिया, लंगलम।
नागालैण्डरंगमा, बांस नृत्य, जीलैंग, सूईरोलियंस, गीथिंगलिम, तिमांगनेतिन, हेतलईयूली।
त्रिपुराहोजागिरी ।
सिक्किमछू फाट नृत्य, सिकमारी, सिंघई चाम या स्नो लायन डांस, याक छाम, डेनजोंग नेनहा, ताशी यांगकू नृत्य, खूखूरी नाच, चुटके नाच, मारूनी नाच।
लक्षद्वीपलावा, कोलकाई, परीचाकली।

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